
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (NRSM) का आयोजन फरीदाबाद जिले में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में कमी लाना है, जिसे जागरूकता, सख्त प्रवर्तन, इंजीनियरिंग सुधार तथा सुदृढ़ आपातकालीन प्रतिक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के समन्वय से फरीदाबाद जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सभी संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, परिवहन विभाग, परिवहन संचालक तथा नागरिक समाज संगठन सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा तेज गति, नशे में वाहन चलाने, हेलमेट एवं सीटबेल्ट का उपयोग न करने जैसी असुरक्षित ड्राइविंग के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस की रणनीतिक तैनाती, आपातकालीन मॉक ड्रिल तथा जीवन रक्षक कौशल से संबंधित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा विभाग एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएँ एवं छात्र रैलियों का आयोजन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई द्वारा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनका सुधार, बेहतर साइनेज तथा क्रैश बैरियर की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त परिवहन संचालक एवं नागरिक समाज संगठन ड्राइवरों, पैदल यात्रियों तथा अन्य कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष आउटरीच एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित करेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर समाज के हर वर्ग में जागरूकता लाई जा सके।
सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत निम्न लिखित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
प्रथम सप्ताह 1 (1–7 जनवरी): “सीख से सुरक्षा – Learning for Safety” थीम के अंतर्गत जिला स्तरीय उद्घाटन, पुलिस व RTO कर्मियों का प्रशिक्षण, गुड समैरिटन कानून पर जागरूकता, हेलमेट/सीटबेल्ट रैली एवं प्रवर्तन अभियान।
द्वितीय सप्ताह 2 (8–14 जनवरी): “Technology se Parivartan – Technology for Change” थीम के तहत सड़क सुरक्षा प्रदर्शनी, स्पीड गवर्नर व GPS का प्रदर्शन, आपातकालीन मॉक ड्रिल एवं मोबाइल फोन उपयोग के विरुद्ध प्रवर्तन।
तृतीया सप्ताह 3 (15–21 जनवरी): “Zero Fatality Solutions” थीम पर ब्लैक स्पॉट सुधार, औद्योगिक श्रमिकों व दोपहिया चालकों के लिए जागरूकता, स्कूल बस चालकों का प्रशिक्षण तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठक।
आखिरी सप्ताह 4 (22–31 जनवरी): “Community Participation & Review” के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान, कॉलेजों में फिल्म स्क्रीनिंग, महिला चालकों के लिए विशेष कार्यक्रम, नो हॉर्निंग डे, मैराथन तथा समापन समारोह।
आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने बताया कि इसी कड़ी में डीसी आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, तथा सभी विभागों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को प्रेषित की जाएंगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर फरीदाबाद को सुरक्षित सड़कों वाला जिला बनाने में सहयोग दें।






