
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जीवा पब्लिक स्कूल में प्रतिवर्ष आयोजित इस मेले में संस्कार, सृजन और शिक्षा का अद्भुत संगम होता है। इस मेले के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि यहाँ शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है — ताकि वे शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से सशक्त बन सकें। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान जागृत करना है।
भारतीय परंपरा का सम्मान करते हुए मेले का शुभारंभ पारंपरिक रीति अनुसार दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान जी के साथ-साथ मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० सत्यनारायण दास एवं डॉ० सुभाष राज़दान (एटलांटा, यू.एस.ए.) से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त श्री कृष्ण सचदेवा (कनेक्टिकट यू.एस) सहित विभिन्न देशों से आए अतिथियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जिनमें डॉ. जैसिका रिचमंड (यू.एस.) से सुश्री कमला (इटली) और सुश्री जया (बेल्जियम) विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं।
कार्यक्रम में विद्यालय की उपाध्यक्षा श्रीमती चंद्रलता चौहान, डायरेक्टर ऑफ जीवा आयुर्वेदा डॉ० प्रताप चौहान, एकेडमिक हेड श्रीमती मुक्ता सचदेव, सी.ई.ओ. जीवा आयुर्वेद मधुसूदन चौहान, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आयुर्वेद सुश्री काजल चौहान, एजुकेशनल एवं एच.आर. डायरेक्टर सुश्री मीनाक्षी सिंह, तथा एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आयुर्वेद सुश्री नीरजा चौहान की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। साथ ही, स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट हेड श्री जयवीर सिंह एवं प्रमुख संयोजिका श्रीमती लिपिका कौशिक ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के उपरांत विद्यालय प्रांगण में एक के बाद एक आकर्षक एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और मंगलमय बना दिया। इसके पश्चात् विद्यालय एवं छात्रों की उपलब्धियों को विद्यालय रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक भाग में बच्चों ने मनमोहक स्वागत गीत, शक्तिशाली महिषासुर वध पर आधारित नृत्य, प्रेरणादायी ‘जीवा संदेश’ पर नृत्य, मनोरम कृष्ण लीला, भावपूर्ण भजन, जागरूकता बढ़ाने वाला नुक्कड़ नाटक, तथा उल्लासपूर्ण पंजाबी लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले “चेंज मेकर्स” छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही, बच्चों द्वारा प्रस्तुत ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम ने अपनी मधुर धुनों से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया और दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त की।
आज के कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण श्री कृष्ण लीला की प्रस्तुति रही, जिसको बच्चों ने नृत्य नाटिका के माध्यम से बहुत ही अद्भुत एवं सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। मेले में इस बार एक विशेष थीम का चयन किया गया जिसे ‘ट्रेडिशन मीट्स इनोवेशन’ का नाम दिया गया। इस दौरान विद्यालय प्रांगण में बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष रूप से अनेक प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया। प्रत्येक खेल में विद्यालय के सिद्धांतों की झलक दिखाई दी। इन सिद्धांतों में डी०के०एन० , एस०ओ,०ई० इत्यादि का समावेश किया गया। अभिभावकों एवं बच्चों के लिए भी अनेक प्रकार के मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने खूब आनंद प्राप्त किया जिनमें टाइम मशीन, लक्की गेम, स्पिन द अर्थ, मैमोरी मैनिया, लक्की टारगेट स्माश, व्हील ऑफ सीज़न ( आयुर्वेदिक गेम) चैलेंज योर माइंड, पिंग पौंग बॉल, योगा चैलेंज इत्यादि खेलों में बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने खूब आनंद प्राप्त किया।
एटीएल के अंतर्गत तैयार किए गए विभिन्न रोबोट और अभिनव प्रोजेक्ट्स कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। साथ ही, छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए टॉय ट्रेन ने भी सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा और उत्साह का केंद्र बनी रही।
विद्यालयों के छात्रों द्वारा बनाए गए विभिन्न कलात्मक वस्तुओं को कला केंद्र के माध्यम से दर्शाया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रांगण में डांडिया नृत्य का भी आयोजन किया गया, डांडिया नृत्य में बच्चों के साथ साथ अभिभावकों ने भी खूब आनंद लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने कहा कि ‘ आज के समय में बच्चों में मानसिक आक्रोश बढ़ रहा है इसके समाधान करने तथा उनके गुण, स्वभाव और बुद्धि के अनुसार उपयुक्त दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए जीवा लर्निंग सिस्टम निरंतर कार्यरत है। यह प्रणाली बच्चों में संस्कार, मूल्यो और चरित्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं के विकास पर केंद्रित है।
इसी संदेश को समाज तक पहुँचाने के लिए प्रतिवर्ष ‘संस्कार मेला’ का आयोजन किया जाता है। इस मेले में बच्चे नृत्य, नाटक और खेलों के माध्यम से जीवन मूल्यों पर आधारित विषयों को प्रस्तुत करते हैं, जिससे वे स्वयं इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएँ और अभिभावक भी इन्हें समझकर अपनी जीवनशैली में शामिल करें।
विद्यालय की उपाध्यक्षा श्रीमती चंद्रलता चौहान तथा एकेडमिक हेड श्रीमती मुक्ता सचदेव ने सभी छात्रों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।





