
फरीदाबाद, जनतंत्र टुडे।
हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है । बसंत सभी मौसमों के राजा के रूप में जाना जाता है I बसंत पंचमी बसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है । ऐसी मान्यता है कि आज के दिन ही माता सरस्वती का जन्म भगवान ब्रह्मा के ‘कमंडल’ से हुआ था । इसलिए बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करने का विधान है । मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना करने से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है और आज ही के दिन से शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है । लोग ज्ञान प्राप्त करने और सुस्ती, आलस्य और अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए देवी सरस्वती की पूजा करते हैं । इस दिन कई स्कूलों से लेकर अन्य शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है । हालांकि, इस साल कोरोना वायरस महामारी के कारण, उत्सव बहुत कम हैं और घरों तक ही सीमित हैं ।
प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी फरीदाबाद कालीबाड़ी के प्रांगण में 5 फरवरी शनिवार को श्री श्री सरस्वती पूजा का 39 वां वर्ष की पूजा अनुष्ठान संपन्न की जाएगी I फरीदाबाद कालीबाड़ी में सरस्वती पूजा का सम्पूर्ण विधिवत आयोजन मंदिर के महिला सदस्यों द्वारा ही की जाती है । सुदूर पश्चिम बंगाल राज्य से परम्परागत मूर्तिकार आकर सरस्वती माता की भव्य मूर्ति का निर्माण करते है । पूजा के शुभ दिवस पर प्रात 9 बजे से पूजा प्रारम्भ होगी एवं प्रात 10.30 बजे माता को पुष्पांजलि द्वारा अपनी भक्ति श्रद्धा अर्पण की जाएगी । दोपहर 12.30 बजे से आगंतुकों एवं सभी उपस्थित भक्तो के मध्य पहले से पैक की हुयी प्रसाद वितरण की भी व्यबस्था की जाएगी । शाम 6 बजे मंदिर के पुरोहितों द्वारा माता सरस्वती की बन्दना एवं सुमधुर आरती की जाएगी । वसंत पंचमी दिवस ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की देवी सरस्वती को समर्पित है इसलिए मंदिर के महिला सदस्यों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे 5 तारीख शनिवार सुबह 11.30 बजे महिलाओं के लिए रंगोली प्रतियोगिता एवं 6 तारीख रविवार सुबह 11.30 बजे विभिन्न वर्गों के बच्चो के लिए चित्रांकन प्रतियोगिता की आयोजन भी की गयी है । इस बार मंदिर प्रांगण में कोरोना महामारी के मद्देनज़र एवं सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार ही सारे अनुष्ठान सुसम्पन्न किये जायेंगे । ए जानकारी देते हुए
महिला कमिटी उर्मीमाला गांगुली, मैत्री बोस, रूपाली कर, संचिता गांगुली, तुली बेरा, उमा बोस, अनीता सरकार, सुप्रिया आचार्य, बरनाली बिस्वास तनुश्री देबसरकार आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
किसी प्रकार की समस्या एवं सुझाव के लिए सम्पर्क करें
श्रेयस पांचाल :- 8595829963
jantantratoday2022@gmail.com







