
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
राजकीय माध्यमिक विद्यालय डीग में संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संस्कृत विषय के शिक्षकों के साथ ही विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित हुए। कार्यक्रम में उपस्थित हुए मुख्यमंत्री के मिडिया कॉर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ ने कहा संस्कृत हमारे देश की प्रतिभा है, हमारी संस्कृति की संरक्षिका है एवं सद्गुणी नागरिकों को उत्पन्न करने का अचूक सूत्र है। अत: समस्त लोगों को संस्कृत के ज्ञान का अनुकरण, मनन व अनुसरण करना चाहिए। यह भाषा भाषाओं की जननी के रूप में विख्यात है। इसलिए समस्त भाषा के छात्रों एवं अध्यापकों तथा अन्य लोगों को भी संस्कृत का अध्ययन अवश्य करना चाहिए।
मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित डॉ. गीता आर्या ने इस अवसर पर वेदों को स्थापित करते हुए सभी को सलाह दी कि उनके घर में वेद की प्रति अवश्य होनी चाहिए। समस्त सनातन धर्म को स्वीकार करने वाले जनों से आग्रह किया कि गायत्री मंत्र के अर्थ का ज्ञान प्राप्त कर लें और नियमित रूप से इसका पाठ करें। इससे समस्त प्रकार के विघ्न दूर हो जाते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में बलबीर शास्त्री, राकेश शास्त्री, पुरूषोत्तम भारद्वाज, प्राचार्य जय प्रकाश, मुख्याध्यापक रविकान्त गुप्ता ने भारत की प्रतिष्ठा संस्कृत को बताया। विद्यालय के मुख्याध्यापक समर देशवाल ने कहा कि जब भी मैं संस्कृत बोलने वाले अध्यापकों व अन्य को देखता हूं तो मेरे मन में उनके प्रति आभार और श्रद्धा का भाव प्रकट होता है। लगता है कि मुझे भी संस्कृत को सीखना और बोलना चाहिए। संस्कृत बोलने मात्र से लगता है कि मंत्रों का पाठ हो रहा है। कार्यक्रम का मंच संचालन रघु शास्त्री द्वारा किया गया। जिन्होंने समय-समय पर छात्रों को संस्कृत भाषा के गुणों से अवगत कराया।
इस अवसर पर संस्कृत के विभिन्न छात्रों पंकज, जितेन्द्र, हरिओम, जिया, साधना, सोनाक्षी, प्रियांशी, रेखा, विकास, विपिन, शिवा, सोनिया, मोंटी, हंसिका, निशा, कोमल, अंशू आदि के द्वारा गीत, श्लोक एवंसंस्कृत नाटक व अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय के संस्कृत अध्यापक भागीरथ शास्त्री, ओम पाल शास्त्री, भवी चन्द, अनील कुमार, माया शर्मा, निशा रानी, सीमा रावत, रीटा, बबीता, सन्त सिंह हुड्डा, सुभाष गहलौत, चरण सिंह, धर्मवीर नम्बरदार, तेजपाल यादव, दुली चन्द महासय, होती लाल आर्य इत्यादि उपस्थित रहे





