
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग के बीएससी विज़ुअल कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम के सहायक प्रोफेसर रॉबिन ने गेमिंग उद्योग की बारीकियों पर छात्रों का मार्गदर्शन किया। विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने विशेषज्ञ का सैपलिंग भेंट कर स्वागत किया।
जे.सी.बोस विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग द्वारा आयोजित शीतकालीन इंटर्नशिप के अंतर्गत दृश्य क्लब के विज़ुअल कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला के दौरान सहायक प्रोफेसर रॉबिन ने ‘गेमिंग पाइप लाइन’ के महत्वपूर्ण चरणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक आइडिया से लेकर अंतिम उत्पाद तक एक गेम किन-किन प्रक्रियाओं से गुजरता है। छात्रों को थ्रीडी कैरेक्टर मॉडलिंग के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, जिसमें यह समझाया गया कि कैसे डिजिटल पात्रों को जीवंत रूप दिया जाता है।
प्रोफेसर रॉबिन ने वर्तमान में गेमिंग इंडस्ट्री में उपयोग किए जाने वाले इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड सॉफ्टवेयर की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे इन उपकरणों का उपयोग करके पात्रों और वातावरण को डिजाइन किया जाता है। सत्र के दौरान छात्रों ने सीखा कि , गेम के बैक एंड डेवलपमेंट की प्रक्रिया कैसे काम करती है।
गेमिंग के विभिन्न चरणों में किन तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
डिजाइनिंग के दौरान किन प्रमुख बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि यूजर एक्सपीरियंस बेहतर हो सके।
विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने बताया कि इस विशेष सत्र ने न केवल छात्रों के तकनीकी ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि उन्हें गेमिंग सेक्टर में करियर की संभावनाओं के लिए प्रेरित भी किया। छात्रों ने सहायक प्रोफेसर रॉबिन से गेमिंग इंडस्ट्री के भविष्य और इसमें रोजगार के अवसरों पर कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बखूबी जवाब दिया।
कार्यशाला कोऑर्डिनेटर सहायक प्रो. रवि कुमार और सहायक प्रो. अजय यादव ने रॉबिन का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के सत्र छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में सहायक साबित होते हैं।





