
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद की एनआईआरएफ 2026 -टीम ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से एनआईआरएफ- 2026 मापदंडों और डेटा प्रस्तुति पर रणनीतिक अभियास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) और 9 (उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा) के अनुरूप है, जो समावेशी और उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देने और नवाचार तथा मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बल देती है।
कार्यशाला का उद्देश्य नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) मापदंडों में व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करना, डेटा प्रस्तुति प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और संस्थागत रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए रणनीतियाँ विकसित करना था।
कार्यशाला में ग्राफिक एरा (डीम्ड विश्वविद्यालय), देहरादून के प्रो-चांसलर डॉ. राकेश शर्मा ने मुख्य अतिथि रहे और उच्च शिक्षा रैंकिंग में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मूल्यवान दृष्टिकोण साझा किए। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने सत्र की अध्यक्षता की और एनआईआरएफ मापदंडों के साथ रणनीतिक प्रयासों के महत्व तथा विश्वविद्यालय की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए शैक्षणिक-उद्योग सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
सत्र का संचालन एनआईआरएफ समन्वयक प्रो. संजीव कुमार और एनआईआरएफ सह-समन्वयक डॉ. रश्मि अग्रवाल ने किया, जिन्होंने एनआईआरएफ 2026 रैंकिंग में संस्थागत प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए डेटा-आधारित दृष्टिकोणों पर चर्चा को सुगम बनाया।
इस सत्र में कुलसचिव प्रो. अजय रंगा, निदेशक (आईक्यूएसी) प्रो. आशुतोष दीक्षित, प्रो. संदीप ग्रोवर, सभी डीन, अध्यक्ष और एनआईआरएफ समिति के सदस्य उपस्थित थे




