
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / डबुआ कॉलोनी स्थित आर्ट एवं कल्चर की सोसायटी, स्मृति रंगमंच टोली द्वारा साहस और देशभक्ति के साहसिक कार्यों से बच्चों को परिचित कराने और उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से वीर बाल दिवस पर एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरदार बलजिंदर विरदी जी ने अपने उद्घोषण में कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों के सर्वोच्च बलिदान और वीरता की स्मृति की कहानी को बच्चों के साथ साझा किया। बताया कि आज हिंदुस्तान 2 युवा सिख योद्धाओं की असाधारण बहादुरी का सम्मान करता है। उन्होंने अपने धर्म को छोड़ने से इनकार कर दिया और धर्म बदलने के बजाय शहादत को चुना।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि शहीद भगत सिंह कॉलेज तिगांव से लेफ्टिनेंट डॉ सत्य नारायण प्रोफेसर ने बच्चों संबोधित करते हुए कहा कि आज इस मॉडर्नाइजेशन में बच्चों को राष्ट्र निर्माण में भूमिका और शिक्षा का महत्व बताना, जनभागीदारी बढ़ाने के प्रयास में हमें अपनी शिक्षा का सही उपयोग कर वीर बाल दिवस मना करके अपने धर्म और संस्कृति को जिंदा रखना है। ताकि महान वीरता और सर्वोच्च बलिदान को अन्नत समय तक श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
कार्यकम के आयोजक टोली के अध्यक्ष युवा रंगकर्मी अरविंद कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया साथ ही कहा कि भारत के भविष्य की नींव माने जाने वाले उत्कृष्ट बच्चों को सम्मानित करने के लिये समर्पित एक राष्ट्रीय उत्सव है। इस पहल का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं का पोषण करना, रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उन्हें विकसित भारत के सपने में योगदान देने के लिये प्रेरित करना है। इस प्रतियोगिता में 50 बच्चों ने हिस्सा लिया जिसमें प्रथम पुरस्कार रजनी,द्वितीय पुरस्कार गुरप्रीत,तृतीय पुरस्कार छवि,सांत्वना पुरस्कार रिया ने प्राप्त किया। इस आयोजन में टोली के कलाकार खुश्बू लाहोट, ऋतिका वर्मा, हिमांशी, राहुल गिरी,अनूप, अमित अपना भरपूर सहयोग दिया।






