
फरीदाबाद जनतंत्र टुडे / अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ के इतिहास
विभाग द्वारा एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का
आयोजन अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉo संजीव कुमारगुप्ता जी की
सद्प्रेरणा से हुआ। अतिथि व्याख्यान का विषय-“गुप्त काल:भारतीय इतिहास का
स्वर्ण युग” रहा। मुख्य वक्ता के रूप में गवर्नमेंट कॉलेज मोहना, फरीदाबाद के
प्राचार्य डॉ० शमशेर सिंह गुलियाथे। उन्होंने बेहद ज्ञानवर्धक व सारगर्भित
वक्तव्य दिया।
इसअतिथिव्याख्यान में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के
अनेक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अतिथि व्याख्यान का शुभारंभ इतिहास
विभागाध्यक्ष व अतिथि व्याख्यान के संयोजक डॉ० जयपाल सिंह ने विद्यार्थियों
को मुख्य वक्ता डॉ०शमशेर सिंह गुलिया केसंक्षिप्त परिचय से किया। मुख्य
वक्ता डॉ० शमशेर सिंह गुलियाने अपने संबोधन में कहा कि कला, साहित्य,
विज्ञान और शासन में उल्लेखनीय उपलब्धियों के कारण गुप्त काल (लगभग
320-540 ई.) को भारत के स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है। चंद्रगुप्त
प्रथम, समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) जैसे शासकों के
तहतभारत ने शांति, समृद्धि और सांस्कृतिक उत्कर्ष का अनुभव किया।
उत्कृष्ट मंदिरों, मूर्तियों और प्रसिद्ध अजंता गुफा चित्रों के निर्माण के साथ कला
और वास्तुकला नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई। संस्कृत साहित्य फला-फूला,
कालिदास जैसे कवियों ने साहित्यिक उत्कृष्ट कृतियों का निर्माण किया, जबकि
धार्मिक ग्रंथ और दर्शन फले-फूले।
विज्ञान और गणित में, आर्यभट्ट जैसे विद्वानों
ने अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसमें शून्य की अवधारणा का विकास और खगोल
विज्ञान में प्रगति शामिल है। इस अवधि में स्थिर राजनीतिक व्यवस्था और
आर्थिक समृद्धि द्वारा समर्थित चिकित्सा, धातु विज्ञान और व्यापार में भी
प्रगति देखी गई।गुप्त साम्राज्य की सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और बौद्धिक
उपलब्धियों ने इसे स्वर्ण युग के रूप में ख्याति दिलाई, जिसने सदियों तक
भारतीय सभ्यता को प्रभावित किया।
अंत में विद्यार्थियों ने व्याख्यान के विषय से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।सभी
जिज्ञासाओं का मुख्य वक्ता ने समाधान किया। अतिथि व्याख्यान मुख्य वक्ता
को धन्यवाद ज्ञापन से समाप्त हुआ।इतिहास विभाग की सहायक प्रवक्ता डॉ०
सुप्रिया ढांडा ने व्याख्यानके आयोजन में विशेष सहयोग दिया।




