
उपायुक्त जितेंद्र यादव जल शक्ति अभियान में अधिकारियों को बैठक में दिशा-निर्देश देते हुए
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला में जल शक्ति अभियान का अधिकारी बेहतर क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें। जल शक्ति अभियान के तहत जिस विभाग को जो जिम्मेदारी दी गई है उस जिम्मेदारी का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। डीसी जितेंद्र यादव ने आज सोमवार को जिला स्तरीय जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में यह दिशा-निर्देश विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालमेल करके जल शक्ति अभियान के जिला दिए गए टारगेट का बेहतर क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें। जिस विभाग को जो भी जिम्मेदारी मिली है उसको निश्चित समय पर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा करना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त जितेंद्र यादव ने एक-एक करके विभिन्न विभागों के विभाग वार जल शक्ति अभियान के के कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा भी की। समीक्षा के उपरांत संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने कहा कि बारिश के जल की संचित बूंद का उचित संरक्षण कर जल शक्ति अभियान को प्रभावी रूप से सफल बनाने में प्रशासन अपनी सक्रिय भूमिका अदा कर रह है। उन्होंने आमजन से आह्वान करते हैं कि जल संकट की चुनौती का सामना सुदृढ़ तरीके से कर जल की महत्ता समझते हुए संरक्षित जल का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जलशक्ति के प्रति जागरुकता और प्रयास दोनों बढ़ रहे हैं।
उपायुक्त जितेन्द्र यादव का मानना है कि जब हम जब तेज विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो यह पानी की सुरक्षा और प्रभावी जल प्रबंधन के बिना संभव ही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का विकास हमारे जल स्रोतों और कनेक्टिविटी पर निर्भर है। उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने कहा कि पानी से जुड़ी सभी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। वहीं खेतों में छोटे-छोटे तालाब बनाकर जल को संरक्षित किया जा सकता है। इससे किसानों को फायद होगा। इसमें मनरेगा के तहत जल संरक्षण करने वाली योजनाओं को लिया गया। किस तरह से गांव में जल संरक्षण किया जा सकता है। इसको लेकर एक एक करके सभी अधिकारियो ने अपनी-अपनी राय रखी। ग्राम सभा में मिट्टी कार्य, पानी सोखता निर्माण, तालाब निर्माण सहित वृक्षा रोपण की योजनाएं शामिल की गई है।
इसके अलावा आईईसी गतिविधियों के लिए लक्ष्य निर्धारण हस्तक्षेप के विभिन्न तरीके #jalshaktiabhiyan# के तहत फेसबुक, व्हाट्सएप और राज्य और जिला ट्विटर अकाउंट पर नियमित रूप से ई पोस्टर और पोस्ट, रेडियो जिंगल, जल संवाद, वैज्ञानिकों/कृषकों के साथ रेडियो साक्षात्कार, नुक्कड़ नाटक, समाचार पत्र विज्ञापन, फिल्में और वृत्तचित्र, तरु यात्रा, प्रभात फेरिस, रैलियां, मानव श्रृंखला, पौधगिरि, विशेष परियोजनाएं जैसे फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, वॉल पेंटिंग, दीवारों पर स्लोगन लेखन, ब्रांड राजदूत, युवा आइकन, पाक्षिक सफलता की कहानी प्रसार प्रिंट और सोशल मीडिया, जल संरक्षण गतिविधियों के साथ जीपी/ब्लॉक/जिले का उत्सव, वनीकरण और जल संरक्षण के लिए मिनी मैराथन, रन, वॉकाथॉन, हैकाथॉन, साइकिलथोन, स्कूलों, विशेष स्कूलों, कॉलेजों और युवा क्लबों में निबंध, सोलगन लेखन, पेंटिंग, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी की प्रतियोगिताएं, इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल, फ्लोक मीडिया, पोस्टरों में आईईसी सामग्री का वितरण, जल चौपाल, ग्राम सभा जीपी/ब्लॉक/जिला स्तर पर बढ़ावा दे सकते है।
बैठक में सीईओ जिला परिषद सत्येंद्र दुहन, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता अश्वनी फोगाट, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ वीरेंद्र आर्य सहित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, वन विभाग, एचएसआईडीसी, जीएमडीआईसी,जिला उद्यान विभाग, पंचायत एवं जिला विकास विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पीडब्ल्यूडी बी एण्ड आर, शिक्षा, टाऊन प्लानिंग, एमसीएफ, महिला बाल विकास विभाग, ग्रामीण विकास अभिकरण, मत्स्य पालन, जिला सूचना जनसंपर्क विभाग सहित बैठक से संबंधित संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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