
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लबगढ़ के होलिस्टिक वैलबीइंग एंड सोलफुल वैलनेस सेंटर व ब्रह्माकुमारीज संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आज 6 दिसंबर, 2022 को ‘डिजाइन योर डेस्टिनी- डेवलपिंग इनर पावर‘ शीर्षक से एक विशेष वार्ता आयोजित की गई। सर्वप्रथम अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्ण कांत गुप्ता ने मुख्य वक्ता व अतिथियों को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बीके सोनिका बहन, (राजयोग शिक्षिका, गुरुग्राम) रही। सम्मानीय अतिथि बीके सुशीला बहन, (वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका व मेडिटेशन सेंटर इंचार्ज बल्लभगढ़) रही । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बीके ज्योति भाई, बीके हरि किशन भाई रहे। कार्यक्रम का आरंभ अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्ण कांत गुप्ता जी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन में खुश रहना, शुक्राना, बुरा ना सोचना व दृढ़ संकल्प जैसे मंत्रों को आत्मसात कर हम अपने भाग्य को निर्धारित कर सकते है और अपने कर्मों के खाते के विधाता स्वयं बन सकते है। वहीं मुख्य वक्ता बीके सोनिका ने अपने भाग्य और भविष्य को कैसे डिजाइन किया जाए इस विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भाग्य का रोना रोने की बजाए हमें कर्म प्रधान बनना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि हम संकल्प व अनुशासन के साथ आगे बढे तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है और हमारी भावनात्मक, आध्यात्मिक और बौद्धिक भागफल में मजबूती होती है और यह सब हमें समग्र विकास की ओर ले जाता है और हम पूर्ण कल्याण के लिए स्वयं को सर्वशक्तिमान के साथ संरेखित कर सकते है। विशिष्ट अतिथि बीके सुशीला बहन ने इस तरह के आध्यात्मिक प्रवचन के आयोजन के लिए प्राचार्य डॉ कृष्णकांत गुप्ता जी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के सत्र शिक्षकों और छात्रों के आध्यात्मिक कल्याण व विकास को बढ़ाते हैं और उन्हें अधिक उत्साह के साथ आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने में मदद करते हैं। प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय में इस तरह के सत्र आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों व विद्यार्थियों को समग्र रूप से स्वस्थ और विकसित कर सकारात्मक वअनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है और यह बदले में समाज के आध्यात्मिक और नैतिक विकास में सहायता भी करता है। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ इनायत चौधरी ने सभी उपस्थितजन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का अंत कल्याण मंत्र उच्चारण से हुआ।







